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सोमवार, 30 दिसंबर 2019

आपकी कमजोरी का अंत | motivational story in hindi for success

Motivational story in hindi for success

Motivational story in hindi for success में आज आपके ज़िंदगी में आने वाली हर मुश्किलों का हल बताया गया है जो आपको काफ़ी हद तक motivate करने के साथ साथ एक बेहतरीन दिशा भी दिखाने में मदद करेंगीं, तो इस hindi motivational story के साथ बने रहिए…….

Motivational story in Hindi/for success Hindi motivational story
आपकी कमज़ोरी का अंत/Hindi motivational story for success


श्रेष्ठता : (Motivational story in hindi for success)

ठंड के मौसम में कुछ बंदर पेड़ की डाली पर ठिठुर रहे थे,तभी उनको पास मे जुगनू उड़ता हुआ दिखाई दिया,बंदरों ने सोचा शायद यह आग की चिंगारी है उन्होंने उस जुगनू को पकड़ कर सुखी पत्तियों पर रगड़ना और फूँक मारनी शुरू की ताकि आग उत्पन्न हो और उनकी ठंड भागे,

पर कुछ ही देर में वह जुगनू मर जाता है,बगल की डाली पर बैठी चिड़िया ने बोला अरे यह आग की चिंगारी नहीं, जो तुम लोग इससे आग निकाल रहे,यह तो एक जुगनू है क्या तुमने मुझे इसे खाते हुए नहीं देखा? यदि यह आग की चिंगारी होती तो मैं जल नहीं जाती? तुम लोग बेकार की मेहनत कर रहे हो,इतना सुनते ही उन बंदरों को गुस्सा आ जाता है और वे चिड़िया को मार देते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि हमारी आधी ज़िंदगी एसे ही कई बेकार प्रयासों में बीत जाती है,कोई शीशे में अपना चेहरा देख कर अभिनेता बनने चल पड़ता है,तो कोई गायक को देख कर गायक बनने का सोचने लगता है एसे बहुत से उदाहरण है,पर जीवन बीत जाता है और सफलता हाथ नहीं लगती,

क्या हम आग की आशा में किसी ना किसी जुगनू को नहीं फूँक रहें,जब चिड़िया ने बंदरों को समझाया तो उन्होंने उसे गुस्सा होके मार दिया उसी तरह हमारी ज़िंदगी में भी अगर हमें कोई कहता है कि जो तुम सपने देख रहे हो वो सही नहीं है तो क्या हमें भी गुस्सा नहीं आता?

अब एक बात बताईए कहा जाता है कि जब कोई किसी सपने के साथ कड़ी मेहनत करता है तो उसे सफलता जरूर मिलती है,वहीं दूसरी ओर यह बोला जाता है कि हर सपना सच नहीं होता तो हम क्या माने और क्या ना माने?

जब व्यक्ति को लगता है की उसे किसी के सलाह की ज़रूरत नहीं और उसके लिए गए फैसले 100% सही हैं तो हाँ यह श्रेष्ठता की पहचान है पर सिर्फ मैं ही सही हूँ यह अहंकार है।

कहानी के बंदरों ने चिड़िया को मारते समय यही बोला था कि हम इतने बड़े और ताकतवर है हमें तुम्हारे सलाह की आवश्यकता ही नहीं,इस झूठे भावना के कारण वें बंदर आज भी जुगनू को फूँक मार  कर आग जलाने की कोशिश में ठिठुर रहें हैं।

तो कहानी का उत्तर है समय आने पर जुगनू और चिंगारी का अंतर समझना बहुत आवश्यक है। अपनी कीमत और योग्यता आपको समझनी होगी। 

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मौन कितना ज़रूरी है : (Motivational story in hindi for success)

ग्रंथों में भी लिखा है कि अगर मनुष्य मौन (चुप) रहना सिख जाये तो उसकी अधिकतर समस्याएं स्वतः ही खत्म हो जाती है,और हाँ मौन में बड़ी ताकत होती है,पर वो ताकत या बल किस काम का जो समय पड़ने पर आपके काम ही ना आ पाये,

क्या हमेशा मौन रहना सही है? नहीं बिल्कुल नहीं। यह हमेशा से होता आया है की समस्याएं इस लिए आई क्यूंकी समय रहते लोगों ने उसका विरोध नहीं किया,यदि मौन रहना शक्ति है तो उसका सही समय पर उपयोग करना भी बहुत ज़रूरी है यदि बिना कारण चुप रहोगे तो बुरे लोग उसे सहमति समझ लेते हैं,एसे करते रहने से ये आपकी आदत बनती जाती है और आप आदमी से पत्थर होते चले जाते हो,अपनी आवाज़ को आवश्यकता पड़ने पर उपयोग करिए,

आवाज़ को कब वश में रखना है या उसे कब उपयोग करना है? उससे भी ज्यादा जरूरी यह समझना की इसे कब तोड़ना है । अपनी power of focus का उपयोग ज़रूर करें।

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नकल ज़रूरी नहीं : (Motivational story in hindi for success)

आदमी जीवन की परीक्षा में सफलता पाने के लिए क्या नहीं करता वो मेहनत करता है भाग दौड़ करता है यदि इससे भी बात नहीं बनती तो फिर वह नकल करता है,थोड़ा अपने स्कूल के समय की बात याद करिए जब आप परीक्षा देने स्कूल में जाते थे तो क्या होता था शायद आप ना सही पर कोई ना कोई ऐसा जरूर होता है,जो सफलता पाने के लिए नकल करता है और वो सफल भी हो जाता है,

परन्तु जीवन की परीक्षा ऐसी नहीं होती जो नकल करता है वो सफल नहीं होता,जानते हो क्यूँ?क्यूंकी स्कूल की परीक्षा के प्रश्न पत्र एक ही होते होते है,लेकिन ज़िंदगी का प्रश्न सबके लिए अलग अलग होता है,तो निश्चित ही उनके उत्तर भी तो अलग ही होंगे ना?

इसीलिए आपको ज़िंदगी में सफलता पानी है तो नकल ना करिए स्वयं के प्रश्न का स्वयं ही उत्तर ढूंढिए,भरोसा करिए आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। और यह तभी संभव है जब आपकी मानसिकता एक जगह पर केंद्रित हो। 

 

निर्णय का प्रभाव : (Motivational story in hindi for success)

जीवन का हर समय निर्णय का समय होता है,हर एक कदम पर दूसरे कदम का निर्णय करना ही पड़ता है और निर्णय अपना प्रभाव छोड़ जाता है,आज का लिया गया निर्णय भविष्य में सुख या दुख निर्मित करते है सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी,

जब कोई समस्या आती है तो मन व्याकुल हो उठता है वह निर्णय का समय युद्ध बन जाता है,और मन युद्धभूमि बन जाता है,अधिकतर हम निर्णय समस्या दूर करने के लिए नहीं बल्कि मन शांत करने के लिए लेते हैं,एक बात बताओ क्या कोई दौड़ता हुआ आदमी भोजन कर सकता है? नहीं ना तो व्याकुलता से भरा मन उचित निर्णय कैसे ले सकता है?

जब कोई शांत मन से निर्णय लेता है तो अपना भविष्य सुखद बनाता है पर निर्णय सिर्फ मन शांत करने के लिए लिया गया हो तो वो अपने आगे की ज़िंदगी कठिन बना लेता है।

 

आत्मविश्वास : (Motivational story in hindi for success)

ज़िंदगी में आये संघर्षों के लिए जब आदमी खुद को योग्य नहीं मानता या उसे खुद के बल पर भरोसा नहीं होता तो वह अपनी अच्छी आदतें छोड़ कर बुरी पकड़ने लगता हैं,और यह बिल्कुल सही है आदमी के मन में बुरी आदतें तब ही जन्म लेती हैं जब आदमी के पास आत्मविश्वास नहीं होता,

क्यूंकी आत्मविश्वास ही एक मात्र सहारा है जो आपको एक उचित रास्ते पर टिकाए रख सकता है,जब यह इतना महत्वपूर्ण है तो आखिर आत्मविश्वास है क्या?

जब आदमी यह मानता है कि समस्याएं उसे कमजोर बनती हैं तो इसका मतलब है उसे खुद पर भरोसा नहीं या उसके पास आत्मविश्वास की कमी है,और वह आदमी इस स्थिति में समस्या से पार जाने के बजाय उससे पीछा छुड़ाने का उपाय ढूँढने लगता है,

पर वह व्यक्ति जब यह समझता है कि समस्याएं ही है जो उसे शक्तिशाली बनती है जैसे व्यायाम करने से शरीर मजबूत बनती है उसी तरह हर एक संघर्ष के साथ व्यक्ति का उत्साह भी बढ़ता है,

यानी आत्मविश्वास और कुछ भी नहीं यह मात्र मन की एक स्थिति है,जो ज़िंदगी को देखने का नजरिया बदल देती है ।

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क्रोध का असर : (Motivational story in hindi for success)

हम सभी को कभी ना कभी गुस्सा आता ही है और गुस्सा आना आदमी का स्वाभाविक गुण है,लेकिन गुस्सा आता क्यूँ है? गुस्सा तब आता है जब कोई काम या स्थिति हमारे मन के हिसाब से ना हुई हो,पर गुस्सा आने के हर स्थिति में आधार एक ही है कि हम कहीं ना कहीं किसी स्थान पर कमजोर हैं,

गुस्सा,हमारी दुर्बलता से जन्म लेता है,और फिर वह हमारी सबसे बड़ी दुर्बलता बन जाता है,यदि गुस्से को अपने वश में ना रखा जाये तो भ्रम जन्म लेता है,और यदि भ्रम को वश में ना किया जाय तो विवेक खत्म होने लगता है यानी सोचने समझने की शक्ति शून्य हो जाती है अंत में उस आदमी का अंत ही हो जाता है, इसी लिए अपने गुस्से को वश में रखें।


आपकी कमज़ोरी का अंत (Motivational story in hindi for success)

आपकी सफलता में आने वाले बाधाओं के बारे में बताती हैजिन्हें जानकर आप अपनी निर्बलता को अपनी ज़िन्दगी में सफल होने का बाधा नहीं मानेंगे
संसार में हर व्यक्ति को कोई ना कोई निर्बलता जरूर होती है जैसे कोई बहुत तेज़ दौड़ नहीं सकता तो कोई अधिक वजन नहीं उठा सकता या कोई किसी बीमारी में हो,क्या आप किसी ऎसे इंसान को जानते है जिसकी कोई निर्बलता ना हो वो पूरी तरह से सक्षम हो या उसको सब कुछ प्राप्त हो??

लेकिन हम उस एक निर्बलता को अपने जिंदगी का केंद्र बिंदु मान कर जीते हैं जिस कारण मन में हमेशा दुख और असंतोष रहता है निर्बलता व्यक्ति को जन्म या किसी घटना के कारण मिलती है जो मनुष्य बदल नहीं सकता लेकिन व्यक्ति का मन इस निर्बलता को अपनी आदत या मर्यादा बना लेता हैलेकिन कुछ व्यक्ति येसे भी होते हैं जो अपने पुरुषार्थ और श्रम से इस निर्बलता को दूर कर देते हैं तो क्या अन्तर है इन व्यक्तियों और अन्य व्यक्तियों में,,,

सीधा सा जवाब यह है कि जो व्यक्ति इस निर्बलता से नहीं हारता और पुरुषार्थ करने का साहस रखता है वो जरूर इस निर्बलता से मुक्त होता है अर्थात,

निर्बलता ईश्वर जरूर देता है किन्तु मर्यादामर्यादा तो व्यक्ति का मन ही निर्धारित करता है

तो ध्यान दीजिए अपनी कमजोरियों को अपने मन की मर्यादा ना बनने दे बल्कि उन कमजोरियों पर काम करना शुरू करे यही एकमात्र उपाय है।।


नीचे कुछ अन्य मोटिवेशनल पोस्ट है इन्हें भी देखें….


      
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